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नई दिल्ली: गायक अमाल मलिक का मानना है कि संगीतकार और गीतकारों को उनके वैधानिक अधिकार प्रदान किए जाने चाहिए, जिसके वे हकदार हैं।

म्यूजिक इंडस्ट्री में वह किस तरह का बदलाव देखना चाहते हैं? इस सवाल के जवाब में गायक ने आईएएनएस को बताया, तकनीकी पहलू की बात करूं, तो मैं कुछ और अधिक वास्तविक सुनना और बनाना पसंद करूंगा।

हाल के दिनों में मैंने आर्टिफिशियल ढंग से धुन बनाए जाने की ओर एक झुकाव देखा है, जो कि काफी बेहतरीन भी है, लेकिन मेरा मानना है कि इसमें कुछ और प्रयोग होने चाहिए।

साइना में मेरे गाने और मेरे एकल गीत तू मेरा नहीं से यह साबित करने में मदद मिलेगी कि लाइव म्यूजीशियन और डिजिटली रूप से तैयार की गई धुन को भी आपस में तालमेल बिठाते हुए एक ऐसे गीत की रचना की सकती है, जो गानों की दौड़ में अपनी जगह भी बनाए और जो लोगों को पसंद भी आए।

उन्होंने आगे कहा, मैं यह भी उम्मीद करता हूं कि हम संगीतकारों और गीतकारों को अपने कानूनी अधिकार मिलने चाहिए, जिसके हम हकदार हैं। बाकी आगे देखते हैं, क्या होता है, इसके लिए हमें इंतजार करना होगा।