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नई दिल्ली: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी सीबीएसई, बोर्ड की परीक्षाएं ऑनलाइन नहीं होंगी। 2021 में होने वाली यह परीक्षा छात्रों को यह पहले की तरह कागज पर पैन से ही देनी होगी।

सीबीएसई अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षाओं को ऑनलाइन करवाने का कोई प्रस्ताव ही नहीं है। ये परीक्षाएं बीते वर्षों की तरह सामान्य लिखित रूप में ली जाएंगी। हालांकि इसकी डेट अभी तय नहीं हुई है।

सीबीएसई ने आधिकारिक जानकारी देते कहा, 2021 की बोर्ड परीक्षाएं सामान्य लिखित तरीके से होंगी न कि ऑनलाइन।

शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, विद्यार्थियों की प्रगति एवं बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए परीक्षाओं का आयोजन बेहद जरूरी है।

इस साल परीक्षाओं के आयोजन को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच तमाम तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

अबतक कोविड के चलते देशभर के स्कूल कॉलेज पूरी तरह से नहीं खोले जा सके हैं। बोर्ड परीक्षाओं के रजिस्ट्रेशन से लेकर कक्षा संचालन तक सारे कार्य वर्चुअल या ऑनलाइन तरीके से संचालित हो रहे हैं।

इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, लगातार स्कूल कॉलेज से दूर रह रहे छात्रों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई करना एक बड़ी चुनौती है। लेकिन इस चुनौती को अवसर में बदलने के लिए छात्रों को हमेशा तैयार रहना चाहिए।

ऐसी तमाम संभावनाओं को देखते हुए कोविड महामारी के बीच समय पर परीक्षाओं के संचालन के लिए सरकार ने नई पहल की है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ने परीक्षाओं के संचालन के पूर्व छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ त्रिस्तरीय संवाद की योजना बनाई है।

शिक्षा मंत्री डॉ. निशंक तीन अलग-अलग तिथियों पर छात्रों, अभिभावकों शिक्षकों के साथ वेबिनार के जरिए सीधे संवाद करेंगे।

डॉ. निशंक ने कहा, बेहतर संकल्प और इच्छाशक्ति के साथ पढ़ाई और समय पर रिजल्ट जारी करवाना सबसे बड़ी चुनौती है ताकि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो।

कोरोना नियमों पालन करते हुए इन परीक्षाओं के आयोजन से छात्रों की योग्यता, विश्वसनीयता और विश्व के किसी भी विश्वविद्यालय में प्रवेश की स्वीकार्यता और बेहतर भविष्य-निर्माण की संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।

इस वर्चुअल संवाद के बाद शिक्षा मंत्री राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित होने वाली परीक्षाओं की समीक्षा करेंगे। इस प्रकार स्वास्थ्य मंत्रालय, गृह मंत्रालय के आदेशों के अनुसार परीक्षाओं के संचालन की विस्तृत योजना बनाई जाएगी।

सरकार की पूरी कोशिश होगी कि परीक्षाओं के संचालन में छात्रों का समय बेकार न बर्बाद हो। साथ ही विदेशों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को लेकर सरकार पूरी निगरानी रखेगी।

निशंक ने कहा, वैश्विक आपदा कोविड-19 के कारण संपूर्ण विश्व का शैक्षिक एवं अकादमिक जगत व्यापक रूप से प्रभावित हो रहा है।

वर्तमान हालात में शीघ्र ही इस बीमारी से निजात मिलती हुई दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए देशभर में परीक्षाओं का समय पर आयोजन करवाना जरूरी है।

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